Operation Arrest: भ्रष्टाचार पर ACB की बड़ी कार्रवाई, ऑपरेशन पीछा करो में 28 भगोड़े गिरफ्तार
ब्यूरो प्रमुख अजय सिंघल ने बताया कि यह अभियान 26 और 27 दिसंबर को चलाया गया। पकड़े गए आरोपियों में वर्ष 2020 से 2025 के बीच दर्ज मामलों के वांछित अपराधी शामिल हैं।

Operation Arrest : हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को धरातल पर उतारते हुए हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने प्रदेशव्यापी “ऑपरेशन पीछा करो” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। मात्र 48 घंटों के भीतर ब्यूरो ने विभिन्न घोटालों में वर्षों से फरार चल रहे 28 आरोपियों को दबोच लिया, जबकि दो राजपत्रित अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों (ट्रैप) गिरफ्तार किया गया।
DGP ACB अजय सिंघल ने बताया कि यह अभियान 26 और 27 दिसंबर को चलाया गया। पकड़े गए आरोपियों में वर्ष 2020 से 2025 के बीच दर्ज मामलों के वांछित अपराधी शामिल हैं। इनमें एक आरोपी 6 साल से, तो पांच आरोपी पिछले 4 साल से पुलिस को छका रहे थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और निजी ठेकेदार शामिल हैं, जो वित्तीय अनियमितताओं और गबन के गंभीर मामलों में संलिप्त थे।

22 करोड़ का पंचायत घोटाला: फरीदाबाद और गुरुग्राम रेंज में फर्जी विकास कार्य दिखाकर करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में तनुजा शर्मा, नंद किशोर और मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया। इन पर करीब 4.73 करोड़ के तात्कालिक गबन का आरोप है।
अंबाला छात्रवृत्ति घोटाला: जाली दस्तावेजों के आधार पर 91 फर्जी छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति हड़पने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इसमें करीब 44.59 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है।

रिश्वतखोर अधिकारी ट्रैप: रेवाड़ी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) सौरभ उपाध्याय को ₹35,000 और हिसार के कार्यकारी अभियंता (XEN) गिरीश कुमार को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
अजय सिंघल ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। ब्यूरो अब इन सभी आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और उनके पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है। अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को कानून के तहत जब्त किया जाएगा।

सतर्कता ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1064 या टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 पर सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।










